Nation

    आखिर किस मजबूरी में खामोश है भारत की आवाज?

    आखिर किस मजबूरी में खामोश है भारत की आवाज?

    जहाजों पर हमले, भारतीयों की मौत और विदेश नीति पर उठते गंभीर सवाल लेखक: संतोष कुमार सिंह, कार्यकारी संपादक, thejanmat.com…
    कुंभ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।

    कुंभ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।

    कुंभ मेला भारतीय संस्कृति का एक ऐसा आयोजन है जो दार्शनिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ऐतिहासिक है। यह आयोजन हर…
    लोकतंत्र महज मस्तक गणना नहीं बल्कि जिन्दा और जागरूक मस्तिष्कों से फलता-फूलता हैं-मनोज कुमार सिंह

    लोकतंत्र महज मस्तक गणना नहीं बल्कि जिन्दा और जागरूक मस्तिष्कों से फलता-फूलता हैं-मनोज कुमार सिंह

    लोकतंत्र, जनतंत्र और प्रजातंत्र, इन तीनों शब्दों का निहितार्थ हैं जनता का राज। लोकतंत्र में आम जनमानस स्वतन्त्रता और समानता…
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